इंटरनेट क्या है और यह कैसे काम करता है से संबंधित जानकारी free में 2021

इंटरनेट-क्या-है

इंटरनेट क्या है आज के समय में संसार के लगभग बच्चे से लेकर वृद्ध तक अपने मोबाइल, लैपटॉप, पीसी, कंप्यूटर या फिर अन्य किसी डिवाइस पर अपना ज्यादा से ज्यादा समय बिताते हैं और इन सभी चीजों को चलाने के लिए हमें इंटरनेट की आवश्यकता होती है ऐसे में हमारे दिमाग में एक प्रश्न जरूर उठता है कि इंटरनेट क्या है, इंटरनेट के क्या फायदे हैं इंटरनेट नेटवर्क क्या है और यह कैसे काम करता है तो आज हम आपको सरल से सरल भाषा में इंटरनेट क्या है इसके बारे में विस्तृत जानकारी देने वाले हैं।

मेटावर्स क्या है जो इंटरनेट की दुनिया में आग लगाने वाला है

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इंटरनेट क्या है ?

“इंटरनेट एक नेटवर्क जाल होता है ग्लोबल स्तर पर सभी कंप्यूटर्स एक दूसरे से जोड़ता है इंटरनेट एक वाइड एरिया मतलब एक बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैला नेटवर्क होता है जो किसी इंटरनेट यूजर को वेब पर स्थित किसी भी डाटा या इंफॉर्मेशन को प्राप्त करने की सुविधा देता है” इसकी कई तरह की सुविधाएं हैं जैसे ईमेल, वेब पोर्टल, चैट, सोशल नेटवर्किंग, ब्लॉगिंग, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन इत्यादि |

इंटरनेट विश्व में प्रतिदिन करोड़ों से अधिक लोगों द्वारा उपयोग होने वाला हजारों तकनीकों दर्जनों सुविधाओं का एक बहुत ही जटिल कॉन्बिनेशन है इंटरनेट केबल या टेलीफोन लाइन से जुड़े कंप्यूटरों की एक ऐसी एक दूसरे से संबंधित विश्वव्यापी श्रृंखला जिसके माध्यम से कभी भी कहीं भी डाटा को तत्काल प्राप्त किया जा सकता है या भेजा जा सकता है। आशा करता हूं कि आपको इंटरनेट क्या है जैसे प्रश्न का एक छोटा और संतोषजनक उत्तर मिल गया होगा।

इंटरनेट काम कैसे करता है ?

इंटरनेट एक विश्वव्यापी सिस्टम है जो मल्टीमीडिया सूचना को विश्व भर के करीब 5 मिलियन कंप्यूटरों से उपलब्ध कराता हैl सामान्यता लोग इंटरनेटप्रयोग और को ही इंटरनेट का एकमात्र संसाधन समझता है परंतु सत्य यह है कि इंटरनेट के द्वारा केवल वर्ल्ड वाइड वेब प्रयोग तथा ईमेल के अतिरिक्त भी अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं जो फाइल ट्रांसफर प्रोटोकोल ,इलेक्ट्रॉनिक मेल, गोफर, वर्ल्ड वाइड वेब, टेलनेट, यूजनेट, वेरोनिका, आर्ची आदि हैं।

इंटरनेट का इतिहास

इंटरनेट की शुरुआत 1970 एवं 1980 के दशक में हुआ था। इंटरनेट ARPANET (एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क) के नाम से डिफेंस डिपार्टमेंट (रक्षा विभाग) द्वारा शुरू किया गया था। शुरुआत में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जिस नियम का प्रयोग किया जाता था उसे अब ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकोल (TCP) या इंटरनेट प्रोटोकोल (IP) कहते हैं।

भारत में इंटरनेट सेवा का सर्वप्रथम उपयोग 15 अगस्त 1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड(FCNL) द्वारा किया गया था इसके बाद अन्य कंपनियों द्वारा भी इंटरनेट का उपयोग मुख्य रूप से किया जाने लगा।

इंटरनेट डाटा किस तरह काम करता है ?

यह बात आप सभी जानते हैं कि कोई इंटरनेट यूजर जैसे आप, कोई सूचना खोजें तो उसे web server को सूचना मिलती है यह सूचना किसी वेबसाइट में लिखी हुई होती हैं, जिन्हें हम इंटरनेट द्वारा सर्च करते हैं। इंटरनेट को चलाने के लिए हमें इंटरनेट डाटा की आवश्यकता होती है जो हमें हमारे देश की कंपनियां जैसे जिओ एयरटेल वोडाफोन जैसी कंपनियां प्रदान करती हैं।

जब आप इंटरनेट पर कोई डाटा सर्च करते हैं तो उसके लिए हमें वेब ब्राउज़र जैसे गूगल, याहू ,फायर फॉक्स, यूसी ब्राउजर का इस्तेमाल करना पड़ता है। तब यह वेब ब्राउज़र वेब सर्वर जहां पर वह सभी सूचनाएं इकट्ठा रहते हैं वहां पर एक रिक्वेस्ट पहुंचता है और वो सूचना जो आपने सर्च की है वह आपके डिवाइस तक प्राप्त हो जाता है इन सभी प्रक्रियाओं को होने में बहुत ही कम समय लगता है।

इंटरनेट से बातचीत कैसे होती है ?

इंटरनेट से बातचीत के लिए बहुत सारी सर्विसेज हैं जैसे ईमेल, इंटरनेट टेलिफोनी, चैट न्यूज़ ग्रुप या मैसेज बोर्ड।

ई-मेल

यह इंटरनेट पर उपलब्ध अति महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन सर्विस है ई-मेल भेजने का तरीका कुछ इस तरह है कि इसे किसी निश्चित ईमेल आईडी पर संदेश जैसे टेक्स्ट ग्राफिक इमेजेस और वीडियो को किसी ईमेल मैसेंजर की मदद से भेज सकते हैं से भेजी जाने वाली यदि 64 केवी से ज्यादा होती है तो इसे अटैचमेंट प्रोटोकॉल की मदद से भेज सकते हैं

इंटरनेट टेलिफोनी

इंटरनेट टेलिफोनी एक ऐसी service है जिसकी मदद से इंटरनेट पर कम्युनिकेशन जैसी सर्विस को इस्तेमाल किया जाता है पिछले कुछ वर्षों से VoIP System काफी आसान और एक सामान्य फोन की तरह इस्तेमाल होने लगा है यह सामान्य टेलीफोन की काल दर से काफ़ी सस्ती होती है।

इंटरनेट कौन देता है, इंटरनेट का मालिक कौन है?

हमने पीछे पड़ा कि इंटरनेट को कई माध्यम से उपयोग में लाया जा सकता है जैसे वायर की मदद से वायरलेस माध्यम से इन माध्यम को हम तक पहुंचाने वाली कुछ कंपनियां होती हैं और इन कंपनियों को इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी कहा जाता है इंटरनेट किसी की निजी संपत्ति नहीं है इसे मॉनिटर करने के लिए कुछ अथॉरिटी होती है जैसे इंटरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड इंटरनेट इंजीनियरिंग टास्क फोर्स। यह अथॉरिटी इंटरनेट पर टेक्निकल या ऑपरेशनल प्रॉब्लम को ठीक करते हैं साथ ही साथ इंटरनेट पर किसी नियम कानून को जारी और निर्देशित करते हैं।

इंटरनेट के फायदे

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन – भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को लगभग चार्ज फ्री कर दिया है इसीलिए आजकल सभी बैंक फाइनेंसियल कंपनी अथवा साधारण यूजर सभी इंटरनेट पर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं। इससे लोगों को बैंक जाने पर होने वाली परेशानियां काफी हद तक कम हो गई हैं।

ऑनलाइन टिकटिंग- इंटरनेट की मदद से आज के समय में किसी भी ट्रेन, एयरलाइन, बस, मूवी की टिकट आसानी से इनके वेबसाइट से टिकट बुक करा सकते हैं

ऑनलाइन एप्लीकेशन– आज के समय में सेक्टर या अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं को हासिल करने के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं ऐसे मैं इन सुविधाओं का इस्तेमाल करके हम अपने पैसों और समय दोनों की बचत कर सकते हैं।

वेदर फोरकास्टिंग– मौसम से संबंधित पूर्व सूचनाओं को विभिन्न सरकारी मौसम विभाग द्वारा मौसम की भविष्यवाणी लोगों और किसानों तक जल्दी से जल्दी पहुंचाने का काम इंटरनेट की मदद से ही संभव हो पाया है

ई- कॉमर्स– इंटरनेट की मदद से ही हम कोई भी सामान खरीद या बेच सकते हैं आज बाजार में लगभग हर प्रकार की चीजें हम घर बैठे आसानी से ऑनलाइन खरीद सकते हैं या सामानों चार प्रसार कर सकते हैं।

इंटरनेट से होने वाले नुकसान-

जैसे की एक कहावत है की अति किसी भी चीज की नहीं करनी चाहिए उसी प्रकार इंटरनेट के अधिक इस्तेमाल से आपको physical और mental दोनों तरह की हानि होती है।

इसके इस्तेमाल से Hacking का खतरा बना रहता है जिससे आपकी बहुत सारी महत्वपूर्ण जानकारियाँ चोरी होने का डर बना रहता है.

इंटरनेट क्या है इस विषय पर हमारे द्वारा लिखा गया लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं।

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