शहद के फायदे एवं इसके गुण और कुछ सावधानियां 2021

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आज हमारे देश में चिकित्सा की बहुत सारी विधियां है, जिनमे से बहुत सारी  विधियां प्राचीन काल से ही अपनायी जाती रही हैं, उन्हीं विधियों में से एक चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद है जिसमें शहद के फायदे एवं इसके गुण का जिक्र विस्तार से किया गया है।

आयुर्वेद में पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी पेड़ पौधों को किसी न किसी रोग की औषधि  के रूप में बताया गया है। प्राचीन काल के ऋषि मुनि जिन्होंने जंगल में रहकर वहां के पेड़ पौधों के औषधिये  गुणों की खोज की और उसकी जानकारी अपने पाण्डुलिपिओं के माध्यम से हम तक पहुँचाये। उन्ही औषधियों  में से एक शहद भी है।  

चरक ने लिखा है कि शहद शरीर के अंग-अंग और शिरा-शिरा को निरोग बनाता है।  यह पेट के सभी रोगो का शत्रु है। शहद त्रिफला के सामान ऊर्जा प्रदान करता है इसी कारण शहद को दिव्य गुणों से परिपूर्ण माना गया है। 

तो दोस्तों आज हम जानेंगे की शहद के फायदे क्या हैं, इसमें कौन-कौन से गुण होते हैं, शहद का सेवन कैसे करें और हमारे जीवन में शहद के क्या महत्व हैं। 

शहद के गुण

आधुनिक रिसर्च के अनुसार -शहद में fat ,cholestrol नहीं होता है जिसके कारण यह Immune Syatem को मजबूत बनाता है। शहद में अत्यधिक मात्रा में ग्लूकोज़, कैल्सियम , सोडियम  पोटैसियम और मैग्नीशियम जैसे तत्त्व 10.5 % तक पाएं जाते हैं, जो शरीर में vactirial Infection होने से बचाते हैं और शरीर में होने वाली गंभीर बीमारियों से भी रक्षा करते हैं।
शहद में कैलोरीज की मात्रा सबसे अधिक होती है इसलिए यह ह्रदय को मजबूती और सुंदरता को निखरता है। 

शहद के फायदे 

वैसे तो शहद के अनगिनत गुण है जिनमे से कुछ गुणों को जानना बहुत जरूरी है 

1.थकान में- ग्लूकोस जो कि हमारे शरीर को ऊर्जा देता है शहद में प्रयाप्त मात्रा में पाया जाता है ,जिससे पुरे दिन हमारा शरीर ऊर्जावान बना रहता है और हमें थकान कम महसूस होती है।  

2.अनिद्रा में- रात में सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चम्मच शहद डालकर पीने से नींद की समस्या से छुटकारा मिलता है क्योंकि शहद में cerotine नाम का एक chemical पाया जाता है जो नींद के लिए उत्तरदायी होता है। 

3. Immune System- एंटीऑक्सीडेंट और एंटी वैक्टीरिअल होने की वजह से शहद, शरीर के Immune  syatem को मजबूत बनता है जो छोटे मोटे रोगों जैसे, सर्दी जुकाम आदि से हमें बचाता है। आँखों 

4. खूबसूरत त्वचा- सर्दियों में शहद में गुलाब जल मिलाकर 10 मिनट तक अपने त्वचा पर massage करने के बाद गुनगुने पानी से धोने पर skin में glow  आएगी, क्योकि Natural Moisturiser की तरह काम करता है। 

5. खांसी में– खांसी में लौंग के फूल को आग में सेंक कर शहद के साथ खाने से आराम मिलता है।  शहद के सेवन से Infection फ़ैलाने वाले vacteria को भी निष्क्रिय करता है। 

6. Blood Pressure में- रोजाना एक चम्मच शहद को गर्म  पानी में डालकर पीने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। 

7. Weight loss में- आयुर्वेद के अनुसार शहद भूख को नियंत्रित करता है, जो वजन का सबसे बड़ा कारण है।  इसके अनुसार रात को सोने से पहले शहद के सेवन करने से कैलोरी burn होने की दर बढ़ जाती है परिणामस्वरूप आपके शरीर में चर्बी इकट्ठा  होती है। 

अगर आप Excercise करते समय पीने वाले Energy drink  में शहद डालकर  करेंगे तो इसका प्रभाव सकारात्मक दिखेगा। 

8. दिल की बीमारी में- आधुनिक रिसर्च के अनुसार शहद शरीर में पॉलीफोनिक एंटीबॉडी का स्तर बढ़ाता है जो दिल की बीमारियों से सम्बंधित समस्या को काफी काम कर देता है। 

9. सुन्दर और मजबूत बालों के लिए- जैतून के तेल के दो बड़े चम्मच और शहद की भी उतनी ही मात्रा एक साथ मिलकर बालो में 10 मिनट लगाकर अपने आप सूखने के लिए छोड़ दे और फिर शैम्पू से बालो को धोने से आपके बाल मजबूत और मुलायम बनेंगे। 

दोस्तों आप जैतून के जगह अंडा या दूध का इस्तेमाल भी कर सकते है 

10. आँखों के लिए- गुनगुने पानी में शहद डालकर आँखों को धोने से आपकी आँखों की लालिमा दूर होती है।

11. मुँह के छाले में- मुँह में छाले अजीर्ण, कब्ज या पेट की अन्य खराबी के कारण हो जाते हैं। ऐसा देखा गया है की कब्ज ठीक होते ही छाले भी ठीक हो जाते हैं।

उपचार- तुलसी की लकड़ी पानी में घिसकर शहद में मिलाकर छालों पर लगायें या मुलहठी का चूर्ण शहद में      मिलकर छालो पर लगाएं तथा लार को बहार टपकने दें।

शुद्ध शहद की पहचान 

आजकल शहद बनाने वाली कंपनिया शक्कर ,गुण , शीरे आदि से शहद बनाती हैं और एगमार्क का लेबल लगाकर सुद्ध शहद के रूप में बेचती हैं इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं की शहद के मामले में धोखाधड़ी नहीं है, फिर भी कुछ ऐसी विधियाँ है जिससे सुद्ध शहद की पहचान की जा सकती है 

 वैसे तो शहद का रंग कुछ मटमैला हलके लाल रंग का होता है, लेकिन यह भूरा हरा या सफ़ेद रंग का भी हो सकता है। इसमें छोटे-छोटे दाने भी देखने को मिलते हैं जो शायद मोम के होते हैं। शुद्ध शहद में फूलों की खुशबू पायी जाती है

जैसे यदि मधुमक्खी गुलाब के फूलो से शहद बनती है तो शहद से गुलाब की महक आएगी परन्तु यदि वे नीम के फलो से गंध लेती हैं तो वह शहद निबोली की महक छोड़ेगा। सबसे अच्छा शहद नीम की डालो पर छत्ता बनाने वाली मधुमक्खियों का है।

असली शहद पर मक्खियां बैठकर तुरंत उड़ जाती हैं क्योकि सुद्ध शहद के तत्त्व मक्खी के पंखो पर चिपकते नहीं हैं। या सुद्ध शहद को रुई की बत्ती पर लगाकर जलाकर देखा जाता है, अगर वह सरसो के तेल की तरह जलने लगे तो शहद सुद्ध होता है। लेकिन नकली शहद जलने पर शक्कर की गंध छोड़ने लगाती है

शहद के प्रयोग 

शहद को कभी गर्म करके इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योकि इसके तत्त्व जल जाते हैं और शहद विषैला हो जाता है।
शहद और घी , शहद और नीम्बू , शहद और मक्खन, शहद और चर्बी बराबर मात्रा में कभी भी मिलकर न खाये। चाय, कॉफी, फलो के रास आदि में शहद मिलकर इस्तेमाल न करें। दूध व पानी की अधिक मात्रा में कम शहद मिलकर सेवन करें। 

जाड़े की season में शहद दूध के साथ लेने पर बहुत लाभकारी होता है।  बरसात में शहद अदरक के रस , इलाइची के चूर्ण, कालीमिर्च के चूर्ण आदि में मिलकर लेना चाहिए। 

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