लाल चंदन जिस की तस्करी अल्लू अर्जुन अपने फिल्म पुष्पा में करते हुए नजर आ रहे हैं

हाल ही में रिलीज हुई अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है जिसमें अल्लू अर्जुन एक विशेष प्रकार की लकड़ी (लाल चंदन) के तस्कर बने हुए हैं। इस फिल्म की पूरी कहानी इसी लकड़ी के कारोबार और अल्लू अर्जुन के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं की लाल चंदन की विशेषता क्या है और यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है तथा लाल चंदन किन किन कामों के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं।

लाल चंदन

लाल चंदन का वैज्ञानिक नाम Pterocarpus Santalinus है जिसे रक्त चंदन भी कहा जाता है। यह एक विशेष प्रकार की लकड़ी होती है जो पूरे विश्व में केवल भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के शेषाचलम पहाड़ियों की जंगलों में ही पाई जाती है। हमारे पड़ोसी देश जैसे चीन और जापान में इस लकड़ी की भारी मांग के कारण इसका बड़े स्तर पर तस्करी भी होता है। आप इन पेड़ों की लकड़ियों के महत्व का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इन पेड़ों की सुरक्षा के लिए सरकारों द्वारा Special Tasks Force (STF) को इन जंगलों में तैनात किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में 1kg रक्त चंदन की लकड़ी की कीमत 90 हजार से 1.5 लाख रुपए तक हो सकती है मतलब एक कुंटल रक्त चंदन की कीमत लगभग 9 करोड़ से 15 करोड़ रूपए तक हो सकती है।

लाल चंदन का महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार हिंदू धर्म में लाल चंदन या रक्त चंदन को बहुत ही पवित्र माना गया है। शैव मत के अनुयाई अपनी पूजा में इसका इस्तेमाल अवश्य करते हैं। इसका इस्तेमाल सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं, औषधियों, सजावट की वस्तुएं एवं महंगे फर्नीचर को बनाने में सबसे अधिक किया जाता है। लाल चंदन के इन्हीं गुणों के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में इसे बहुत ही महंगे और दुर्लभ वस्तु की श्रेणी में रखा गया है। इस लकड़ी का इस्तेमाल जापान में मुख्यत: सामीसेन नामक वाद्य यंत्र बनाने में सबसे अधिक किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि न्यूक्लियर रिएक्टर से निकलने वाले रेडियोएक्टिव किरणों को रोकने में भी लाल चंदन मददगार होता है।

लाल चंदन के कम होने के कारण

इसके पेड़ की धीमी वृद्धि और अत्यधिक शोषण और निरंतर कटाई के कारण इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है। इनके जंगलों में मवेशियों के चर लिये जाने के कारण इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है। हमारी भारत सरकार द्वारा लाल चंदन की लकड़ी का अंतरराष्ट्रीय व्यापार बंद कर दिया गया है लेकिन इसका अवैध कारोबार अभी भी हो रहा है। हालांकि इसकी तस्करी करते हुए पकड़े जाने पर 11 साल का कारावास और जुर्माना की सजा का प्रावधान है।

लाल चंदन की पहचान कैसे करें

लाल चंदन की पहचान का सबसे अच्छा तरीका है कि इस लकड़ी को किसी अन्य लकड़ी के साथ पानी में डूबने पर लाल चंदन की लकड़ी सबसे पहले डूब जाती है इसका कारण यह है की लाल चंदन की लकड़ी का घनत्व पानी के घनत्व से ज्यादा होता है।

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